एमएलसी बृजेश सिंह के लिए राहत भरी खबर है। चौबेपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोप साबित न होने पर शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर) राजीव कमल पांडेय की अदालत ने आरोपी एमएलसी बृजेश सिंह और उनके भाई हरि सिंह उर्फ हृदय नारयण सिंह को बरी कर दिया।
सिकरौरा नरसंहार कांड के आरोपी बृजेश इन दिनों सेंट्रल जेल में निरुद्ध हैं। हत्या, हत्या का प्रयास जैसे संगीन मामलों में दर्ज मुकदमों के आधार पर चौबेपुर पुलिस ने वर्ष 1995 में बृजेश सिंह और हरि सिंह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
इसमें सिकरौरा नरसंहार कांड का उल्लेख भी किया गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से तत्कालीन थानाध्यक्ष आरडी चौहान सहित पांच गवाह परीक्षित कराए गए। आरोप साबित करने में अभियोजन के असफल रहने पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।