इलाहाबाद के सिविल लाइन में 15 वर्ष पूर्व चर्चित सिपाही सूर्यमणि हत्याकांड में बाहुबली विधायक विजय मिश्र सहित नौ लोगों को दोषमुक्त कर दिया गया। बुधवार को वाराणसी अपर जिला जज (तृतीय) राजीव कमल पांडेय की अदालत ने आरोप सिद्ध न होने पर फैसला सुनाया।
अभियोजन के मुताबिक भदोही के गोपीगंज निवासी वादी सुरेंद्र मिश्रा ने सिविल लाइंस थाने में 14 मई 2003 को तहरीर दी थी। तहरीर में कहा गया था कि उनके भाई जो इलाहाबाद डीआईजी के यहां सिपाही के पद पर कार्यरत थे।
वह अपने परिचित छात्र नेता विनोद तिवारी के साथ 14 मई 2003 की सुबह करीब 9 बजे मोटर साइकिल से कहीं जा रहे थे। उसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें गोली मार दी। घटना में मौके पर ही सिपाही सूर्यमणि की मौत हो गई, जबकि विनोद तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गया था।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने इस मामले में विधायक विजय मिश्र व उनकी पत्नी तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष रामलली मिश्र, मुन्ना मिश्र, प्रेमशंकर मिश्र, रामचंद्र मिश्र उर्फ लाल साहब, जीत नारायण मिश्र, गुलाब मिश्र, नंदलाल पांडेय, संतोष दूबे व दिलीप मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
डेढ़ दशक पूर्व हुई इस घटना से जिले के सियासी जगत में हलचल मच गई थी। एक पूर्व विधायक के रिश्तेदार का मामला होने के कारण यह हाईप्रोफाइल मामला हो गया था।
वादी सुरेंद्र मिश्रा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2014 में प्रकरण वाराणसी की गैंगेस्टर कोर्ट में स्थानांतरित हुआ था। हाईप्रोफाइल मामले पर राजनीतिज्ञों से लेकर तमाम लोगों की नजर फैसले पर टिकी हुई थीं।