वाराणसी। रामनगर के वन्यजीव संरक्षण विभाग परिसर में डेढ़ साल से बेड़ियों में जकड़े 302 के मुलजिम हाथी मिट्ठू के लिए दो प्रकृति प्रेमियों ने आगे हाथ बढ़ाया है। वाराणसी पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश की पहल पर उनके पुराने परिचित और चिड़िया घर के डायरेक्टर रमेश पांडेय ने हाथी को रिहा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। हाथी को दुधवा नेशनल पार्क भेजवाया जाएगा।
कमिश्नर ने बताया कि रविवार देर रात किसी ने ट्वीट किया तो बेचैनी हो गई। हाथी को बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधा। संयोग कि बात यह कि पुराने परिचित चिड़िया घर के डायरेक्टर जो वाराणसी के रहने वाले हैं, उनसे बात हुई तो उन्होंने हाथी को दुधवा नेशनल पार्क भिजवाने के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने बताया कि जानवर कोई भी हो, हमेशा बचाव की मुद्रा में रहता है। हाथी से गलती हुई या जो कुछ भी हुआ हो, उसे डेढ़ साल से बेड़ियों में जकड़े रहना अनुचित नहीं है। कमिश्ररेट के तहत यह मामला नहीं आता है, लेकिन जानवरों के प्रति सभी को संवेदनाएं रखनी चाहिए।
ये था मामला
20 अक्तूबर 2020 को मिट्ठू ने चंदौली के बबुरी क्षेत्र में रमा शंकर सिंह नाम के व्यक्ति को कुचलकर मार डाला था। इस मामले में महावत को जमानत मिल गई थी, लेकिन तब से हाथी को बेड़ियों में जकड़ कर रखा गया है। ठंडी, गर्मी व बरसात में वह खुले आसमान में रहता है। बीच में कई बार मथुरा व दुधवा नेशनल पार्क भिजवाने की कवायद शुरू हुई और हाथी मालिक ने भी पहल की, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया।