बता दें कि इससे पहले भी वाराणसी में सीवर लाइन में गिरने से दो मजदूरों की जान जा चुकी है। 11 नवंबर को सीवेज प्लग तोड़ने के लिए जल निगम की ओर से पर्याप्त बचाव साधनों के बिना मैनहोल में मजदूर उतार दिए गए थे।
जहरीली गैस से दोनों मजदूर अचेत हो गए और पानी के तेज बहाव में बह गए थे। जबकि एक मजदूर सत्येंद्र पासवान बाल-बाल बच गया। दिनेश पासवान (27) और उसके भतीजे विकास (18) की उस हादसे में मौत हो गई थी।