एसआईटी अब तक जेल भेजे गए 14 आरोपियों, पीड़िता की तीन सहेलियों और 35 स्वतंत्र लोगों का बयान दर्ज कर चुकी है। एसआईटी ने 29 मार्च से 4 अप्रैल तक पीड़िता के मोबाइल नंबर, इंस्टाग्राम अकाउंट और आवागमन से संबंधित 100 सीसी कैमरों की फुटेज की मदद से डिजिटल फुट प्रिंट तैयार किया।
आरोपियों के परिजनों द्वारा उनकी बेगुनाही के संबंध में सौंपे गए साक्ष्य का अवलोकन किया। एसआईटी के अध्यक्ष डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि हमारी जांच निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। जल्द ही जांच रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को सौंपी जाएगी।