पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटी मिली। इसमें गला दबाकर हत्या करने के बाद जलाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने पति संजय, सास ननका देवी, देवर राजेश और अमरदीप के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की और न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सच्चिदानंद तिवारी और सहयोगी शासकीय अधिवक्ता फौजदारी काशीनाथ दुबे ने सभी गवाहों को परीक्षित कराया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट, अधिवक्ताओं की दलील और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने सजा सुनाई।