पुत्र को शेर बनाकर बॉर्डर पर भेजा था, हमेशा शेर ही रहेगा
देश पर अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले सेना के जवान रवि की मां रेखा सिंह ने कहा कि बेटे को शेर बनाकर बॉर्डर पर भेजा। दूसरा बेटा होता तो उसे भी भेजती। भगवान ने एक ही पुत्र दिया है। मेरा बेटा शेर था, शेर है और शेर रहेगा। उसने अपने देश की रक्षा के लिए खुद को बलिदान कर दिया। उसने पिता का नाम रोशन किया, हमें उस पर गर्व है।
शासन आदेश करे तो बॉर्डर पर जाकर प्राणों को कर दूं न्योछावर
शहीद के पिता जय सिंह ने कहा कि बेटा देश के लिए शहीद हो गया। दो दिन पहले फोन पर बात हुई थी, बोला था। दो माह की छुट्टी लेकर आऊंगा और दीपावली घर पर मनाऊंगा। बचपन की यादों को ताजा करते हुए कहा कि बचपन की बहुत सी यादें है, उसे स्पोर्ट पसंद था।
बचपन में कहता था कि 18 साल का हो जाऊंगा तो देश की सेवा करूंगा। उसकी यह तमन्ना पूरी हुई। एक और बेटा होता तो उसे भी आतंकियों से मुठभेड़ के लिए भेज देता। दूसरा बेटा तो नहीं है। शासन आदेश दे तो मैं खुद बॉर्डर पर जाकर पुत्र की तरह आतंकियों से लड़कर देश के लिए प्राणों को न्योछावर कर दूंगा।
वादा करके गए थे वो आएंगे, वो घर के हर कोने में है
एलआईयू में तैनात दरोगा कमलेश सिंह की पुत्री प्रियंका सिंह से शहीद रवि का विवाह हुआ था। पत्नी प्रियंका सिंह ने बताया कि 17 अगस्त को शहादत से पहले फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बताया कि फायरिंग चल रही है, बाद में तुमसे बात करता हूं। उसके बाद उनसे बात नहीं हुई।
देश के लिए जीते थे, देश के लिए अपनी जान को कुर्बान कर दिया। मेरे पति राजा थे, राजा की तरह लड़े। वो कहीं नहीं गए है, वो यही है हम सब के साथ। वो हमें छोड़कर कभी नहीं जा सकते। हमेशा मेरे साथ रहेंगे। वादा करके गए वो, तुमको कभी नहीं छोड़ेंगे। मरते दम तक मेरा साथ देंगे। वो है अभी भी, हर जगह, घर के हर कोने में है। वो बोले थे दीपावली पर आएंगे।
गुरुवार को अंत्येष्टि संस्कार को देखते हुए शव आने के बाद उसे मोर्चरी में रखने पर विचार चल रहा है। शव आने में बाद सीधे मोर्चरी में रखा जएगा या गांव ले जाकर फिर उसे लाया जाएगा, इस पर चर्चा चल रही है।