पुलिस अधीक्षक व सीएमओ के अनुसार, तीनों के शव पर चोट के निशान मिले हैं। एसपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि चोट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट की डिटेल नहीं बता रहा है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत का कारण नहीं पाया गया है। इससे आशंका प्रबल हो गई है कि तीनों बच्चों की हत्या की गई है।
दूसरी तरफ एडीजी जोन बृज भूषण गुरुवार को गैपुरा चौकी क्षेत्र स्थित लेहड़िया बंधी पहुंचे। वहां बामी गांव निवासी तीन बच्चों की हुई मौत के घटनास्थल पर जांच की। उन्होंने एसआईटी टीम गठित करके जांच का आदेश दिया। एडीजी ने हत्या के मामले का जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया।
एडीजी, आईजी पीयूष श्रीवास्तव, जिला अधिकारी सुशील कुमार पटेल, पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान एडीजी ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि आसपास किसानों, ग्रामीणों, चरवाहों से जानकारी इकट्ठा करें और मामले का जल्द खुलासा करें। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। मौके पर बच्चों के पिता मुन्ना तिवारी, राकेश तिवारी, राजेश तिवारी से बारी-बारी जानकारी हासिल की। एडीजी जोन ने एसआईटी का गठन किया। मिर्जापुर के अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल अजय सिंह विष्ट के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई।