बता दें कि चंदेल दढ़िया गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य कराया जा रहा था जिसको लेकर बृहस्पतिवार को विवाद हो गया था। इसमे मौके पर पहुंची एसडीएम व प्रभारी खंड विकास अधिकारी रोशनी यादव ने धनेश्वर बिंद को घटना का वीडियो बनाने पर एसओ चील्ह से हिरासत में लेने को कहा। खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से शुक्रवार के अंक में प्रकाशित किया।
भाजपा कार्यकर्ता ने थानाध्यक्ष पर मारने पीटने व 500 रुपये नगद छीनने व मोबाइल जब्त करने का आरोप लगाया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि मोबाइल व 500 रुपये छीन लिया तथा सीसी कैमरे के पीछे ले जाकर मारा पीटा भी। गांव में भी मारपीट की जिससे समाज के सामने भारी जिल्लत का सामना करना पड़ा। वहीं चील्ह पुलिस ने धनेश्वर को हिरासत में लेने और मोबाइल जब्त करने की बात कही।
भाजपा कोन मंडल के कार्यकर्ताओं ने कई बार थानाध्यक्ष से भाजपा बूथ कार्यकर्ता को छोड़ने का अनुरोध किया लेकिन उसका 151 में चालान कर दिया गया। जब वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चील्ह में मेडिकल करा रहा था उसी समय बिहार से चुनाव प्रचार कर वापस लौट रहे नगर विधायक को घटना की जानकारी मिली। वे सीधे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और वहां से सीधे थाने पर गए।
पीछे-पीछे कार्यकर्ता व समर्थक भी पहुंच गए। देखते-देखते बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा चील्ह थाने पर हो गया। शोर शराबा शुरू हो गया, नारे लगने लगे। इसके बाद मौके पर एसपी सिटी संजय वर्मा पहुंचे और पीड़ित को छुड़वाया। साथ में पांच सौ रुपये दिलवाए। मोबाइल वापस कराया गया। कार्यकर्ता को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। एसपी सिटी संजय वर्मा ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दोषी व्यक्ति को दंडित किया जाएगा।
क्षेत्र का हर व्यक्ति, कार्यकर्ता महत्वपूर्ण है। उसके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अगर कोई जोर जबरदस्ती या अन्याय करता है तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसका पूरा विरोध किया जाएगा। - रत्नाकर मिश्रा, विधायक
वीडियो बनाने की एसडीएम की शिकायत पर उक्त व्यक्ति को थाने ले आया गया था। उससे किसी प्रकार की मारपीट या पैसा छीनने की घटना नहीं हुई है। यह आरोप बेबुनियाद है। - छोटक यादव, चील्ह थानाध्यक्ष