उसके पिता मुंबई में प्राइवेट नौकरी करते हैं। तीन भाई व एक बहन में वह सबसे बड़ा था। घटना की जानकारी होते ही मां सावित्री, बहन खूशबू, भाई संवरू और दीपक घटना स्थल पर पहुंचे। सभी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। कहा कि इस हादसे ने दिवाली के दिन परिवार को जिंदगीभर ना भूलने वाला गम दे दिया।