खून से लथपथ आसिम को बाइक से लाल बहादुर शास्त्री राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि आसिम की मां शिरी फातमा का निधन छह वर्ष पहले हुआ था। पिता अली हैदर छत्तीसगढ़ में रहते हैं। इसलिए वह ननिहाल में ही रहता था। मां-बाप की इकलौती संतान था।