वाराणसी में भाजपा संगठन और सत्ता दोनों के बीच शुक्रवार की शाम दिखी दूरियां किन वजहों से थीं, इसे लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। महानगर इकाई के होली मिलन समारोह से वारणसी के दोनों मंत्रियों ने दूरी बनाए रखी। रात 9:30 बजे तक उनकी राह देखी जाती रही।
यह तब हुआ जब दोनों मंत्री आयोजन स्थल के आसपास से ही गुजर रहे थे। समारोह स्थल के पास से ही मंत्री के काफिले ने भी शहर में प्रवेश किया।
हूटर के शोर और पदाधिकारियों के फोन घनघनाने पर बार-बार कहा जाता रहा कि मंत्रीगण कुछ देर में ही पहुंच जाएंगे लेकिन इंतजार की वह घड़ियां खत्म ही न हुईं।
दादरा, ठुमरी, चैती के बोल के बीच कार्यकर्ताओं की इस सुरमई शाम में छह अन्य सीटों से जीते विधायकों के अलावा एमएलसी लक्ष्मण आचार्य और मोहम्मदाबाद (गाजीपुर) की नव निर्वाचित विधायक अलका राय को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री महेंद्र पांडेय भी पहुंचे थे।
सूबे में महंत आदित्यनाथ सरकार के कामकाज संभालने के बाद पहली बार शुक्रवार को बनारस पहुंचे जिले के दोनों मंत्रियों को महानगर संगठन के कार्यक्रम में शरीक होने का वक्त नहीं मिल सका।
भाजपा महानगर इकाई की तरफ से होली मिलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन अंधरापुल स्थित सिटी गार्डन में आयोजित था। सरकार बनने की खुशी कार्यकर्ताओं के चेहरे पर झलक रही थी।
भाजपा जन एक दूसरे को गले लगाते, गलबहियां करते ठंडई-मलाई का स्वाद चखने के साथ मुंह में मघई पान की गिलौरी दबाए घूम रहे थे। गुलाब की पंखुड़ियों से विधायकों का स्वागत किया जा रहा था।
उत्तरी के विधायक रवींद्र जायसवाल, कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, रोहनिया के विधायक सुरेंद्र सिंह औढ़े, सेवापुरी से अद (एस) के विधायक नीलरतन पटेल नीलू, अजगरा से भासपा के विधायक कैलाशनाथ सोनकर पिंडरा के विधायक डॉ. अवधेश सिंह, गाजीपुर की विधायक अलका राय को अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।