शनिवार को जब यही सवाल ऊर्जा मंत्री के सामने पहुंचा तो उनके जवाब ने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया। मंत्री का सवाल को मुस्कुराते हुए टालना और "बिजली जाती है तो उसका आनंद लीजिए" कहना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ग्रामीण अनुराग, सुरेंद्र और रमेश आदि का कहना है कि जब बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ही इतने बड़े मामले से अनभिज्ञता जता रहे हैं तो ऊर्जा मंत्री से सवाल किया जाना स्वाभाविक है। उनका कहना है कि मामला मंत्री के गृह जनपद का होने के कारण उनसे व्यवस्था पर जवाब मांगना भी जरूरी है। ग्रामीणों ने कहा कि करीब तीन किलोमीटर 33 हजार लाइन से तार चोरी होना बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।