समय रहते कर्मचारियों ने उन्हें बुझा लिया। काशी को नो ट्रिपिंग जिला बनाने, ट्रांसफॉर्मर, तारों की नए सिरे से मरम्मत करने आदि के निर्देश ऊर्जा मंत्री हर महीने बैठक में देते रहते हैं। इसका बहुत कुछ असर नहीं दिख रहा है। स्थिति यह है कि शहर में कहीं रात में ट्रांसफॉर्मर से चिंगारी निकल रही है तो कई जगह तार गर्म होकर टूट जा रहा है। इस वजह से लोगों को परेशानी हो रही है।
उधर हुकुलगंज में दोपहर 1 से 3:30 बजे तक तीन बार बिजली कटी। रानीपुर शिवराजनगर कॉलोनी में शुक्रवार की रात करीब 11:45 बजे कटी बिजली किसी तरह दो बजे आई और फिर चली गई। लंका इलाके में शनिवार सुबह 5 बजे बिजली कट गई, जो चार घंटे बाद किसी तरह बहाल हो सकी। शुक्रवार आधी रात बाद बटाउबीर, रामनगर में रात करीब दो बजे सड़क किनारे ट्रांसफॉर्मर में चिंगारी निकल रही थी। यही हाल सुंदरपुर में सड़क के पास लगे ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर का भी रहा। इसमें से चिंगारी निकल रही थी।
मंत्री की बैठक के बाद सक्रिय हुए एमडी, ट्रांसफॉर्मर के काम की निगरानी : ऊर्जा मंत्री की सर्किट हाउस में बैठक के बाद एमडी शंभू कुमार भी सक्रिय नजर आए। भिखारीपुर स्थित एमडी ऑफिस में बैठक कर उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं से जुड़े लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफॉर्मरों की स्थिति का आकलन करने को कहा। इसमें लोड नापने से लेकर उसमें लगे केबल आदि की भी जांच कराने को कहा।
रात में गुल बिजली सुबह हुई बहाल
पांडेयपुर के गायत्री नगर कॉलोनी में शुक्रवार आधी रात बाद करीब 12:30 बजे ट्रांसफॉर्मर से लगा मेन केबल जल गया। इस कारण बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। सूचना मिलने के बाद कर्मचारी पहुंचे और किसी तरह तार बदला, लेकिन कुछ देर बाद वह भी जल गया। लिहाजा शनिवार सुबह 11 बजे बिजली आपूर्ति सही हुई। चौबेपुर के उगापुर विद्युत उपकेंद्र व गरथौली उपकेंद्र से जुड़े गांवों में दिन में कई बार ट्रिपिंग की समस्या हो रही है। रोहनिया विद्युत उपकेंद्र के यूनिवर्सिटी फीडर से दिन और रात में बिजली की ट्रिपिंग होने की वजह से लोग परेशान हैं। सारनाथ इलाके में रात से लेकर सुबह तक 5 से 6 बार बिजली कटी।