वाराणसी के रमचंदीपुर में हुए खनन के मामले में प्रशासन फंसता जा रहा है। हाईकोर्ट की ओर से भेजी गई जांच कमेटी के समक्ष 26 में से किसी भी याचिकाकर्ता के मौके पर न पहुंचने के मामले में प्रशासनिक अमले की भूमिका प्रश्नों में है।
पता चला है कि प्रशासन ने हाईकोर्ट के निर्देशों की अनदेखी कर याचिकाकर्ताओं को देर रात दस घंटे पहले नोटिस तामील कराए। हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश था कि 11 जनवरी को जांच टीम रमचंदीपुर जाएगी। इसके 48 घंटे पूर्व सभी 26 याचिकाकर्ताओं को मौके पर पहुंचने संबंधी नोटिस तामील करा दी जाए।
प्रशासन ने ये नोटिस महज दस घंटे पहले तामील कराए। जाल्हूपुर चौकी इंचार्ज बुधवार की देर रात करीब 12 बजे तक रमचंदीपुर में याचिकाकर्ताओं को नोटिस थमाते रहे। बताया जा रहा है कि खनन विभाग ने हाईकोर्ट का आदेश दबाए रखा।
रमचंदीपुर में हुए खनन के मामले में रमचंदीपुर के चंद्रिका यादव समेत 26 लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि प्रशासन ने ढाब क्षेत्र में खनन का पट्टा दिया है। इसकी जांच के लिए हाईकोर्ट ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण की टीम रमचंदीपुर में 11 और 12 जनवरी को भेजने का फैसला किया।
साथ ही 4 जनवरी को जिला प्रशासन को इसकी सूचना भी दे दी गई। हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रशासन ने इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को चार जनवरी को ही फैक्स के जरिए सूचित कर दिया।