कुपोषण से बच्चों को मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर मिनी एनआरसी (न्यूट्रिशियन रिहेबिलिटेशन सेंटर) खोला गया है। पांच-पांच बेड के एनआरसी में बच्चों को भर्ती करने के साथ ही 24 घंटे जांच और इलाज की भी पूरी सुविधाएं रहेंगी। पहले दिन सीएचसी हाथी बाजार पर चार बच्चे भर्ती किए गए हैं।
सीएचसी स्तर पर मिनी एनआरसी खुलने से दीनदयाल अस्पताल परिसर स्थित एनआरसी पर दबाव कम होगा। कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को उनके घर के पास ही जांच और भर्ती की सुविधाएं मिल सकेंगी। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि शहरी क्षेत्र में चार और ग्रामीण इलाकों में आठ सीएचसी में मिनी एनआरसी खोला जा रहा है और इसके लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ नर्स की तैनाती भी की गई है। नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ एके मौर्य ने बताया कि मिनी एनआरसी पर अधिकतम 12 वर्ष तक के ऐसे कुपोषित बच्चों को भर्ती किया जाएगा जो सामान्य बीमारी(मौसमी बीमारी, बुखार, निमोनिया, डायरिया, पीलिया आदि) से ग्रसित हैं। इन बच्चों को अधिकतम 10 दिन तक भर्ती किया जाएगा। स्वास्थ्य ठीक होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा। इसका फॉलोअप आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता करती रहेंगी। बताया कि पहले दिन सीएचसी हाथी बाजार में भर्ती किए गए 3-5 वर्ष तक के चार बच्चों में मौसमी बीमारी जैसे उल्टी, दस्त, निमोनिया, सांस लेने में तकलीफ की समस्या देखी गई । सभी बच्चों की आवश्यक जांच के साथ उपचार दिया गया और दवा भी दी गई।
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इन जगहों पर खुली मिनी एनआरसी
ग्रामीण इलाका
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर (चिरईगांव)
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगापुर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाथी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिसिरपुर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आराजीलाइन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुआरी कला
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरावकोट
शहरी इलाका
शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काशी विद्यापीठ
शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गाकुंड
शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर
शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौकाघाट