वाराणसी केंद्रीय कारागार में बंद दस वर्ष से अधिक के सजायाफ्ता बंदी भी बाहर निकलने पर सम्मानित तरीके से समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें, इसके लिए वे जेल में अपनी सजा काटने के साथ-साथ हुनरमंद बन रहे हैं।
इन बंदियों द्वारा तैयार किये जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वाद आदि और उनके उत्साह को देखते हुए जेल प्रशासन इन्हें बढ़ावा दे रहा है। इसके चलते अब केंद्रीय कारागार में इनका धीरे-धीरे मिनी उद्योग तैयार हो रहा है।
केंद्रीय कारागार में इस समय 1800 से अधिक पुरुष बंदी हैं। इनमें कई नामचीन शामिल हैं। इनकी जरायम की दुनिया में अलग ही पहचान है, लेकिन दस वर्ष से अधिक के सजायाफ्ता बंदियों में बहुत से ऐसे भी हैं जो जेल की चहारदीवारी से आजाद होने के बाद समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का सपना संजोये हैं। इसके लिए वो खुद स्वालंबी बनना चाहते हैं।
इसे साकार करने के लिये कारागार प्रशासन ने 30-30 बंदियों को बेकरी और खाद्य प्रसंस्करण का कोर्स कराया। इसके बाद खाद्य एवं प्रसंस्करण विभाग ने परीक्षा कराई, जिसमें 27 बंदी बेकरी और 24 बंदी खाद्य प्रसंस्करण की कोर्स में उत्तीर्ण हुए, जिन्हें प्रमाण पत्र भी दिया गया।
इसके बाद इन्होंने बेकरी और खाद्य प्रसंस्करण का काम शुरू करने के साथ-साथ इस कार्य में रुचि रखने वाले अन्य बंदियों को भी प्रशिक्षित करने का काम शुरू कर दिया है। कारागार प्रशासन ने इसके लिए बंदी कल्याणकारी एवं पुर्नवास सहकारी समिति लिमिटेड वाराणसी के माध्यम से इन बंदियों को सामान बनाने के लिए उपलब्ध करा रहा है। साथ ही समिति इनके सामानों को बेचने के बाद उससे इनकी मजदूरी और अपना कुछ लाभांश भी प्रोत्साहित करने के तौर पर इन बंदियों को दे रही है।
ये होते हैं खाद्य पदार्थ
बंद ब्रेड, फूडकेक, बिस्किट, नमकीन, मिक्स नान खटाई, आंवला मुरब्बा, बेल मुरब्बा, आंवला कैंडी, मिक्स अचार, आंवला अचार, कटहल अचार, कटहल और आम का मीठा अचार, टमाटर सॉस, टमाटर प्यूरी आदि।
केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीश गौड़ ने बताया कि बंदियों द्वारा तैयार किये जा रहे सामानों की गुणवत्ता बहुत अच्छी है। इनके पैक्ड सामान एफएसएसएआई (खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) से रजिस्टर्ड है।
डीआईजी जेल वीएस यादव ने कहा कि बंदियों द्वारा तैयार किये जा रहे सामानों में की गुणवत्ता बढ़िया है, जो बाहर बिक्री के लिये जाएंगें उन्हें पैक करके भेजा जाएगा। केंद्रीय कारागार गेट के सामने ही दुकान स्थापित कराने की कवायद चल रही है। जहां से उनके पैक्ड सामानों की बिक्री होगी।