जिलाध्यक्ष ने कहा कि दूध कारोबारियों की शिकायत पर वह खुद खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों से मिलकर यह प्रस्ताव रखे थे कि मंडी में आकर सैंपल लें लेकिन अफसरों को न मालूम कौन सी मजबूरी है कि मंडी में नहीं आना चाहते। वे सड़क पर जब कोई दूधिया कैन लिए दिखता है तो उसे अकेले में रोकर सैंपल लेते हैं और मामले को रफादफा के नाम पर वसूली करने का दबाव बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि नियम है कि दूध के सैंपल की एक शीशी संबंधित कारोबारी को भी दी जाए लेकिन सड़क पर सैंपल लेने के दौरान ऐसा नहीं किया जाता। जिलाध्यक्ष ने कहा कि दूध और दूध से बनने वाली सामग्री को डीप फ्रीजर में रखने वाले बड़े कारोबारी और डेयरी पर कभी सैंपल के लिए ये अधिकारी नहीं जाते। लॉकडाउन में गरीब जरूरतमंदों तक गली गली में निशुल्क दूध वितरित करने वाले छोटे कारोबारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यह उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में हरिराम यादव, दीनानाथ पाल, अमृतलाल, जहेलु यादव, रामशिरोमणि यादव, पलकधारी यादव, सभाजीत यादव, अच्छेलाल यादव, सुरेंद्र पाल, जियालाल यादव, भुंगर यादव आदि शामिल थे।