भदोही जिले के चौरी थाना क्षेत्र के जमुवा में जान देने के लिए ट्रेन के सामने अचानक एक अधेड़ को देख चालक को ब्रेक लगाना पड़ा। हालांकि इससे अधेड़ की जान तो बच गई, लेकिन उसके हंगामे से काफी देर तक ट्रेन खड़ी ही रही। पुलिस ने अधेड़ को हिरासत में ले लिया।
बृहस्पतिवार की शाम मुंबई से वाराणसी आ रही कामायनी एक्सप्रेस जैसे ही परसीपुर स्टेशन से आगे बढ़ी, जमुवा गांव के पास बीच ट्रैक पर एक अधेड़ को देख चालक ने ट्रेन रोक दी। बताया जा रहा है कि काफी समय तक हॉर्न देने के बाद भी अधेड़ नहीं हटा तो चालक ने परसीपुर स्टेशन पर सूचना दी। स्टेशन से दौड़ते हुए दो कर्मचारी मौके पर पहुंचे और अधेड़ को हटाने का प्रयास करने लगे, लेकिन वह अपनी जान देने पर अड़ा था।
इस बीच सूचना पाकर पुलिस भी पहुंच गई और अधेड़ को हिरासत में ले लिया। इसके बाद ट्रेन रवाना हो पाई। इससे ट्रेन 20 मिनट से अधिक समय तक जमुवा में गांव के पास ही खड़ी रही। बताया जा रहा है कि जौनपुर के सुरेरी थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव निवासी रामजीत यादव (55) का परिवार में विवाद हो गया था। उसी क्षुब्ध होकर वह जान देने चला आया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई थी।