इस वजह से उसके चेहरे की बनावट भी ठीक नहीं लग रही थी। प्रो नरेश शर्मा और डॉ प्रीति तिवारी की देखरेख में चले कार्यशाला में प्रो सेंथिल ने बताया कि मैक्सिलोफेशियल सर्जरी से एक दिन में ही बेहतर इलाज हो सकता है।
ऑपरेशन के बाद युवती के सभी दांत वापस लगाए जा सकेंगे और चेहरे की रौनक भी लौट आएगी। बीएचयू रेक्टर प्रो वीके शुक्ला ने बताया कि इस तरह की कार्यशालाओं से युवा चिकित्सकों को नई-नई विधियों के बारे में जानने का मौका मिलेगा।
दंत चिकित्सा संकाय प्रमुख प्रो नीलम मित्तल ने भी इसे उपयोगी बताया। डॉ प्रीति ने बताया कि आने वाले दिनों में इस ऑपरेशन से लोगों का चेहरा भी बदला जा सकेगा। कार्यक्रम में प्रो एसके माथुर, अखिलेश सिंह, डॉ रिचिक त्रिपाठी, डॉ.एसके माथुर आदि लोग मौजूद रहे।