वाराणसी। काप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के तहत वाराणसी में मेट्रो और रोपवे पर अंतिम निर्णय शासन की टीम करेगी। इसके लिए सितंबर के अंतिम सप्ताह में राइट्स और एमएलआरसी सहित 13 विभागों की टीम वाराणसी आएगी। यहां सर्वे के आधार पर भौतिक सत्यापन कर रुट्स आदि पर निर्णय करेगी। यह फैसला बुधवार को हुई वीडियो कांफ्रेसिंग में प्रमुख सचिव आवास एव शहरी नियोजन ने किया।
घनी आबादी वाले प्राचीन शहर काशी में मेट्रो व रोप-वे चलाने की रूपरेखा तैयार करने के लिए शासन से अधिकारियों की टीम बनारस आएंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि सितम्बर के अंतिम सप्ताह में यह टीम आएगी और सर्वे के आधार पर मेट्रो व रोपवे की संभावनाओं पर भौतिक सत्यापन करेगी। दरअसल, कोरोना काल के चलते पांच माह से मेट्रो पर किसी तरह की चर्चा नहीं होने के कारण अब नए सिरे से इसके रुट आदि पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में मेट्रो और रोप-वे चलाने का खाका तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके लिए प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार ने बनारस के कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम कौशल राज शर्मा, वीडीए वीसी राहुल पांडेय और नगर आयुक्त गौरांग राठी से वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात की। इस बैठक में लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन के अधिकारी भी शामिल रहे। वीडीए वीसी राहुल पांडेय ने बताया कि प्रमुख सचिव ने कहा कि शीघ्र ही शासन से अफसरों की टीम यहां आएगी और बनारस में मेट्रो व रोप-वे चलाने के रूट निर्धारण से लेकर उसके कनेक्टिविटी और अन्य पहलुओं पर चर्चा करके कोई ठोस निर्णय लेगी। इसमें भारत सरकार की सर्वे करने वाली संस्था राइट्स, एलएमआरसी समेत उन 13 प्रमुख विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जिनका मेट्रो संचालन से पहले रूट निर्धारण से लेकर निर्माण तक में अहम रोल होगा।