रोपवे के हर स्टेशन पर मिलेंगी मेट्रो जैसी सुविधाएं
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा, टिकट काउंटर से एंट्री तक मेट्रो जैसा ही दिखेगा
स्टेशनों का काम करीब 70 फीसदी से ज्यादा हुआ, ब्रांडेड शोरूम भी खुलेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। रोपवे के सभी स्टेशन मेट्रो की तरह विकसित किए जा रहे हैं। एंट्री और टिकट लेने सहित तमाम व्यवस्थाएं बिल्कुल मेट्रो स्टेशन जैसी होंगी। स्थानीय उत्पादों के स्टॉल भी होंगे, जहां से लोग खरीदारी कर सकेंगे। ब्रांडेड शोरूम भी खोले जाएंगे। स्टेशनों के निर्माण कार्य 70 फीसदी से ज्यादा हो चुके हैं।
हर स्टेशन पर टिकट वेंडिंग मशीन रहेगी, जहां से लोग खुद टिकट ले सकेंगे। कार्ड बनवाए जा सकेंगे ताकि बार-बार टिकट लेने के लिए लाइन में न लगना पड़े। कार्ड को रिचार्ज कराकर रोपवे से यात्रा की जा सकेगी। एंट्री के दौरान बैग चेकिंग की प्रक्रिया अन्य स्टेशनों की तरह ही रहेगी।
रोपवे स्टेशन के निर्माण में स्थानीय सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। आंतरिक और बाहरी हिस्से में चुनार के पत्थर लगवाए जा रहे हैं। अन्य निर्माण सामग्री भी काशी और उसके आसपास से मंगवाए जा रहे हैं। स्टेशनों के अंदर दुकानें बनवाई जा रही हैं। इसके जरिये एक जनपद, एक उत्पाद को बढ़ावा दिया जाएगा। लकड़ी के खिलौने, बनारसी साड़ी, पान, लंगड़ा आम और गुलाबी मीनाकारी जैसे उत्पादों की बिक्री हाेगी।
खानपान की दुकानें भी होंगी। रोपवे की प्रोजेक्ट मैनेजर पूजा मिश्रा ने बताया कि मेट्रो की तर्ज पर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं पर्यटकों को मिलेंगी।
किराया कम रखने पर विचार
रोपवे का किराया कितना होगा, इसे तय किया जा रहा है। दरअसल, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना में शामिल है। इसलिए किराया न्यूनतम रखने की योजना है। जितना किराया ऑटो का होता है, उतना ही रखने पर विचार संभव है। यानी ऑटो जितने किराये में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दी जानी हैं। किराय निर्धारित करने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जा सकती है।