सूरज के तेवर बुधवार को नरम जरूर पड़े लेकिन तपिश से राहत नहीं मिली। शाम तक गर्म हवा के थपेड़े बदन झुलसाते रहे। न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी के चलते रात में कूलर और पंखे बेमानी साबित हुए। लोग चैन से सो नहीं पाए। लू लगने से चुरामनपुर इलाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई। तल्ख मौसम का असर विद्युत आपूर्ति पर भी पड़ा है। बिजली की बार-बार की आवाजाही ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस था जो बुधवार को घटकर 44.7 डिग्री पर पहुंच गया। तापमान में भले ही करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई हो लेकिन उत्तर पश्चिमी हवाओं के चलते के चलते शाम तक लू का एहसास होता रहा। दोपहर में सड़कों और घाटों पर सन्नाटा पसरा रहा। हरियाणा के करनाल का रहने वाला हरदीप सिंह (66) साल बुधवार की दोपहर करीब तीन बजे के करीब लहरतार ट्रांसपोर्ट एरिया में सामान उतार कर लौट रहा था। लोहता इलाके के चुरामनपुर के पास अचानक उसकी तबियत खराब हो गई। उल्टियां होने लगीं और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों का कहना है कि इतने अधिक तापमान में जरा सी असावधानी घातक हो सकती है।
न्यूनतम तापमान 30 से बढ़कर 30.7 डिग्री हो जाने के कारण लोगों को रात में भी चैन नहीं मिल रहा है। ऐसे मौसम में कूलर और पंखे बेअसर साबित हो रहे हैं और बिजली की मांग बढ़ने से लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे एसी ट्रिप कर जा रहे हैं और कूलिंग नहीं हो रही है। बिजली की मांग में कई गुना बढोतरी हो गई है, जिससे ट्रिपिंग और जंफर उड़ने की घटनाएं हो रही हैं। वरुणापार, लंका, सुंदरपुर, चेतगंज, मीरघाट और लक्सा इलाके में दिन में दो घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय ने बताया कि जल्द ही मौसम में बदलाव होगा। एक-दो दिन में बारिश के आसार बन रहे हैं।