वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) लोकेश राय की अदालत ने मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी के अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य मेराज अहमद उर्फ भाई मेराज की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। अग्रिम जमानत का विरोध एडीजीसी अपर्णा पाठक ने किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जैतपुरा थाने की पुलिस ने फर्जीवाड़ा कर पिस्टल के लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के मामले में पहडि़या क्षेत्र की अशोक बिहार कालोनी निवासी मेराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि मेराज अहमद के लाइसेंस की वैधता 31 दिसंबर 2019 तक थी। थाना व सरकारी कार्यालय की मुहर, रिपोर्ट तथा कागजात फर्जी ढंग से तैयार कर उसने अपने पिस्टल के लाइसेंस का नवीनीकरण 31 दिसंबर 2022 तक के लिए करा लिया। इस मामले में मेराज की ओर से अंतरिम जमानत देने की अदालत से अपील की गई थी। अपर जिला जज (प्रथम) राजीव कमल पांडेय की अदालत ने इस अपील को खारिज कर दिया। तत्पश्चात अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था।