मोर्चा के नगवां ब्लॉक संयोजक बिन्दू खरवार ने कहा कि जंगल ही आदिवासी समाज का घर, रोजगार, संस्कृति और पहचान हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर अपने जंगल और जमीन को उजड़ने नहीं दिया जाएगा।
जिला संयोजक रामसूरत खरवार ने कहा कि जिले में स्थापित उद्योगों में स्थानीय आदिवासी युवाओं को अपेक्षित स्थायी रोजगार नहीं मिला है। उन्होंने विकास के नाम पर विस्थापन का विरोध करते हुए कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ तथा दिल्ली तक आंदोलन किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने वन क्षेत्रों में प्रस्तावित परियोजनाओं, पेड़ों की कटाई और विस्थापन से जुड़े मामलों में जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जंगल, जमीन और जल की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस दौरान रामसूरत खरवार, बिन्दू अगरिया, रामहाल खरवार, दिनेश पनिका, टहलराम माझी, आकाश चौहान, शत्रुघ्न बिंद, सूरज कनौजिया, संजय बियार, सुजीत विश्वकर्मा, नागेंद्र धागर आदि उपस्थित रहे।