नगर निगम सदन की बैठक 19 अक्तूबर को महापौर मृदुला जायसवाल ने बुलाई है। इस आशय का पत्र वह जारी कर चुकी है। उधर पार्षदों को एजेंडा अब तक नहीं मिला है। तीन दिन बाद सदन की बैठक है। चर्चा है कि महापौर सदन की बैठक से पहले कार्यकारिणी का चुनाव कराएंगी। इसकी गुपचुप तरीके से तैयारी चल रही है। इस बीच नगर आयुक्त गौरांग राठी ने शासन से निर्देश मांगा था। उन्हें शासन से निर्देश मिल चुका है। नगर आयुक्त ने कहा कि शासन ने कहा है सदन की बैठक बुला सकते हैं। लेकिन बैठक बुलाना महापौर का अधिकार है।
कांग्रेस पार्षद दल के नेता सीताराम केसरी ने कहा कि अब तक एजेंडा नहीं मिला है। नियमानुसार 72 घंटे पहले एजेंडा मिल जाना चािहए। महापौर और नगर आयुक्त कोई फोन नहीं उठाते हैं। चपरासी फोन उठाता है तो वह बात नहीं कराता है। सपा पार्षद दल के सचेतक हारून अंसारी ने कहा कि महापौर और नगर आयुक्त से बात नहीं हो पाती है। जब वे लोग चाहेंगे तभी बात होगी। जनता के समस्याओं पर उनसे बातचीत नहीं होती है। सदन की बैठक के लिए अब तक एजेंडा नहीं मिला है।