श्री काशी विश्वनाथ धाम
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यह भी अवगत कराया गया कि यह शिकायत भी प्राप्त हुई है कि कुछ नेमी दर्शनार्थी अन्य आपस के ही दर्शनार्थियों को दर्शन करने में व्यवधान उत्पन्न करते हैं। विशेषकर मंदिर गर्भगृह घेर कर खड़े हो जाने से महिला नेमियों को दर्शन में विशेष असुविधा होती है।
नेमी दर्शनार्थियों के दर्शन के अन्य दिनों के अनेक सीसीटीवी फुटेज भी देखे गए। यह पाया गया कि नेमी दर्शनार्थी होने के कारण पुलिस भी सख्ती नहीं करती और कई नेमी अत्यंत उग्र व्यवहार प्रदर्शित कर रेलिंग, लाइन एवं व्यवस्था के अनुशासन को भंग करते हैं।
पुलिसकर्मी भी इन दर्शनार्थियों के उग्र व्यवहार एवं अनुशासन विहीन आचरण को नियंत्रित करने में मंदिर की मर्यादा के कारण बहुधा असमर्थ होते हैं। बैठक में यह बताया गया कि ऐसे आचरण को दर्शनार्थियों को स्वयं नियंत्रित करना होगा, जिससे कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
इस पर एक दो व्यक्तियों द्वारा संदर्भ से इतर कुछ पुलिसकर्मियों के संबंध में चिल्लाते हुए आरोप-प्रत्यारोप लगाया जाने लगा। डीसीपी मंदिर सुरक्षा ने इस संदर्भ विहीन संवाद का प्रतिरोध किया और मुद्दे पर रहने का आग्रह किया। इसी बात को मुद्दा बना कर कतिपय व्यक्तियों ने बैठक में हंगामा प्रारंभ कर दिया।
मंदिर प्रशासन सभी श्रद्धालुओं की आस्था एवं उनके समुचित दर्शन की सुरक्षित व्यवस्था हेतु प्रतिबद्ध है। बैठक में दर्शनार्थीगण, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, पुलिस उपायुक्त, सुरक्षा एवं अभिसूचना, कमिश्नरेट, वाराणसी व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।