वाराणसी। अब बुनकरों को भी प्रधानमंत्री रोजगार योजना (पीएमआरवाई) के तहत 25 लाख रुपये तक का कर्ज (35 फीसदी सब्सिडी महिलाओं और 30 फीसदी सब्सिडी पुरुषों के लिए) मिल सकेगा।
यह लाभ उन बुनकरों को मिलेगा जो खादी की साड़ी का कारखाना लगाना चाहते हैं। यह जानकारी खादी और ग्रामोद्योग आयोग के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी करनैल सिंह ने गुरुवार को तेलियाबाग स्थित मंडलीय कार्यालय में पत्रकारों को दी। वह 15 दिनी ‘खादी बाजार’ के उद्घाटन के मौके पर यहां आए थे।
उन्होंने बताया कि हाल ही में खादी साड़ी कारखाने के लिए ऋण सहायता के प्रावधान को भी पीएमआरवाई के अंतर्गत शामिल कर लिया गया है। यह वाराणसी के मंडलीय कार्यालय सहित खादी साड़ी उद्योग से जुड़े जानकारों के सुझाव पर संभव हो पाया। पीएमआरवाई में खादी की साड़ी को शामिल करने का मुख्य उद्देश्य न केवल बुनकरों को उत्साहित करना है बल्कि खादी उद्योग में नई जान फूंकना है।
उन्होंने बताया कि खादी को नया रूप देने के लिए 900 करोड़ रुपये का पैकेज केंद्र सरकार से मिला है। यह धनराशि खादी को नया रूप, रंग देने के साथ ही इससे जुड़े लोगों के तकनीकी विकास पर खर्च की जाएगी। उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि बनारस में हस्तशिल्प के विकास के लिए क्लस्टर बनाए जाएंगे। साथ ही, जरूरत वाले स्थानों पर कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनाकर बुनकरों को तकनीकी तौर पर दक्ष बनाया जाएगा।