बसपा सुप्रीमो मायावती ने रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के जगतपुर इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित जनसभा में पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर शब्दों के तीर चलाए। सीएम अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी माया के निशाने पर रहे।
मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी के सभी मंदिरों में कितना ही मत्था टेक लें, पूजा-पाठ कर लें, वहां के पुजारी भी उन्हें आशीर्वाद (वोट) नहीं देंगे। उनके रोड शो के दौरान किनारे खड़े होकर पुष्प वर्षा करने वाले चमचे भी सोच में पड़ गए हैं कि मोदी को वोद दें या न दें। उन्होंने कहा कि भाजपा का बिहार विधानसभा चुनाव से भी बुरा हाल उत्तर प्रदेश में होगा।
सातवें और आखिरी चरण के चुनावी समर में शनिवार को आयोजित जनसभा में बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सपा और भाजपा रोड शो करके दूसरे और तीसरे नंबर के लिए संघर्ष कर रही हैं। दोनों के रोड शो में तमाशबीन ज्यादा और वोटर कम हैं।
यूपी की सत्ता पर काबिज होने के लिए प्रधानमंत्री भले ही केंद्रीय मंत्रियों की फौज उतार दें लेकिन चुनाव में जीत नहीं मिलेगी। प्रदेश की जनता उनके नाटक को समझ चुकी है और इस बार मोदी को गुजरात भेज देगी।
दोपहर बाद 2:30 बजे सभा स्थल पर पहुंचीं माया ने अपने सवा घंटे के भाषण में विरोधियों को आड़े हाथों लिया। कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में जनता को प्रलोभन दिए गए कि कालाधन लाएंगे, कर्ज माफ होगा, रोजगार दिए जाएंगे लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
ये वादे सिर्फ कोरे जुमले बनकर रह गए। नोटबंदी से तीन महीने बाद भी जनता उबर नहीं पाई है। भाजपा अब तक सूबे में किसी मुख्यमंत्री के चेहरे को सामने नहीं कर सकी है। भाजपा दागियों और बागियों की भारतीय जुमला पार्टी बनकर रह गई है।
उन्होंने कहा कि मोदी अपनी सभा में बाहर से भीड़ बुलाकर मीडिया में वाहवाही लूट सकते हैं, टीवी पर रौनक दिखा सकते हैं लेकिन असल वोट तो स्थानीय लोग ही करते हैं।
माया ने कहा कि भाजपा और सपा की अंदरूनी मिलीभगत है। कानून व्यवस्था पर अखिलेश को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में गुंडाराज, माफियाराज है। कांग्रेस दागी पार्टी है। कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बहकावे में न आएं।
उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि बसपा सरकार में बनीं योजनाएं या तो बंद कर दी गईं या नाम बदलकर उसका श्रेय खुद लेने की कोशिश की गई। उन्होंने जनता-कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर वोट देने का आह्वान किया।