कोलकाता, बिहार-झारखंड होते हुए पीडीडीयू नगर और कैंट स्टेशन से महाकुंभ जाने वाली ट्रेनों में ठसाठस भीड़ है। स्लीपर का हाल जनरल और एसी का स्लीपर जैसा हो गया है। कुंभ स्पेशल ट्रेनों के संचालन के बावजूद नियमित ट्रेनों में श्रद्धालु यात्रियों की भीड़ है। वंदे भारत जैसी ट्रेनें रिग्रेट हो चुकी हैं। मौनी अमावस्या तक वाराणसी से प्रयागराज जाने वाली 23 नियमित ट्रेनें फुल हैं। कुंभ स्पेशल ट्रेनें ही एक मात्र सहारा बनी हुई हैं।
उत्तर रेल अधिकारियों के अनुसार महाकुंभ के चलते ट्रेनों में दबाव ज्यादा है। कैंट, बनारस स्टेशन से खुलने वाली ट्रेनें 28 और 29 जनवरी तक फुल हैं। चौरीचौरा, शिवगंगा, विभूति, गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस, सारनाथ एक्सप्रेस, ताप्ती गंगा, 20175 बनारस-आगरा वंदे भारत में सीटें रिग्रेट हो चुकी हैं। जयनगर-एलटीटी, 22416 वंदे भारत, दरभंगा-कुंभ स्पेशल, महानगरी समेत अन्य ट्रेनों में भी लंबी वेटिंग चल रही है। ऐसे में संचालित कुंभ स्पेशल ट्रेनें ही यात्रियों के लिए सहारा बनी हुई है।
16 फरवरी तक वंदे भारत रिग्रेट
दिल्ली से प्रयागराज होते हुए वाराणसी आने वाली दोनों वंदे भारत में सीटें रिग्रेट हैं। इस तरह शिवगंगा, दिल्ली-बनारस सुपरफास्ट, नीलांचल, दरभंगा राजधानी, काशी विश्वनाथ, महामना, श्रमजीवी, सद्भावना, लिक्षवी, फरक्का, स्वतंत्रता सेनानी में भी 16 फरवरी तक कंफर्म सीटें नहीं हैं।
क्या बोले अधिकारी
वाराणसी मंडल से होकर 22 महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेनें रविवार को चलाई जाएंगी। यह ट्रेनें गोरखपुर, छपरा, भटनी, बलिया, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर से वाराणसी सिटी, वाराणसी कैंट और बनारस होकर रामबाग प्रयागराज और झूंसी तक जाएंगी। वापसी में भी इन ट्रेनों का ठहराव सभी स्टेशनों पर होगा। -अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल