बनारस पहुंचे जमीअत उलमा हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि आरएसएस और उसकी तंजीम इंसानियत को आग लगाने का काम कर रही है।
ये लोग किसी धर्म, किसी मजहब के नहीं हो सकते। इंसानियत हमारे मुल्क की रूह है। यही यहां की खासियत है लेकिन, कुछ लोग फिरकापरस्त लोग इसे खत्म करने की साजिश रच रहे हैं।
शनिवार की शाम जामिया अस्पताल में बने मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का उद्घाटन करने आए मौलाना अरशद मदनी ने बिहार के वाकिये का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जमीअत उलमा बाढ़ में तबाह हुए लोगों की मदद कर रही है।
जिनके घर उजड़ गए हैं, उनके मकान बनवा रही है। एक हिंदू बेवा का मकान बनवाने की बात हुई। पहले तो वो तैयार हो गई लेकिन बाद में औरतों ने मिलकर मना कर दिया। हम मुसलमानों के पैसे से मकान नहीं बनवाएंगे। ऐसे नजरिये का बीज बोने का काम आरएसएस व उससे जुड़ी पार्टियां कर रही हैं।
जामिया अस्पताल जो कि चैरिटेबल अस्पताल है, उसमें मॉड्यूलर ओटी का उद्घाटन कर उन्होंने कहा कि गरीबों, जरूरतमंदों की खिदमत किसी खास मजहब के लिए न हो, इंसानियत के लिए हो। ये अस्पताल उसमें नजीर पेश कर रहा है।
खिदमत का जरिया किसी खास मजहब के लिए न हो, इंसानियत के लिए हो। हमारे मुल्क की यही खासियत थी, बदकिस्मती से इसे आग लगाई जा रही है। सलाह दी कि हर मोहताज, बीमार, जरूरतमंद के लिए आपका सीना फूला होना चाहिए। यही तरक्की का रास्ता है। इसी रास्ते पर चलकर मुल्क आगे आएगा।