चुनाव नजदीक आते ही याद आते हैं रिश्ते
शक्ति सिंह ने अब्बास अंसारी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब नेताओं की राजनीतिक जमीन खिसकने लगती है, तब उन्हें कभी चाचा, कभी भाई तो कभी भैया की जरूरत पड़ने लगती है। अखिलेश यादव को भैया और ओमप्रकाश राजभर को चाचा कहने की राजनीति पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने दीजिए, अभी बहुत सारे लोग दिखाई देंगे।
उन्होंने कहा कि नेताओं को जनता के बीच रिश्तों की दुहाई देने के बजाय विकास और जनहित से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उसके लिए अब तक क्या काम किए गए हैं और क्षेत्र के विकास के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
35 वर्षों के कामकाज का हिसाब मांगा
भाजपा नेता ने अंसारी परिवार की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को पिछले 35 वर्षों के कामकाज का हिसाब मांगने का पूरा अधिकार है। उनके मुताबिक, अंसारी परिवार की राजनीति ने मऊ की आवाज को अंधकार में धकेलने का काम किया है, लेकिन अब लोग जागरूक हो चुके हैं।
शक्ति सिंह ने कहा कि वह जनता के अधिकारों और विकास से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे। उन्होंने अंसारी परिवार से किसी भी तरह के संबंध की बात को खारिज करते हुए कहा कि दोनों परिवारों की विचारधारा और कार्यशैली अलग-अलग है।