लॉकडाउन में अपने घर पहुंचने के लिए लोग तरह तरह तरह के जतन करते दिखाई दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी मऊ जिले के सहरोज ग्रामसभा में ऐसा ही मामला प्रकाश में आया। जहां गांव निवासी युवक जो कि नोयडा में मजदूरी करता था। लॉकडाउन होने के बाद घर आने के लिए वह साइकिल से निकल पड़ा। तीन दिन की यात्रा के बाद जब वह गांव पहुंचा तो ग्रामीणों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने उसे क्वारंटीन सेंटर भेज दिया।
कोपागंज ब्लाक के सहरोज गांव निवासी रोशन 20 पुत्र यशवंत जो नोयडा में एक कंपनी में मजदूरी करता है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बाद घोषित लॉकडाउन में वह नोयडा में ही फंस गया। लॉकडाउन में कामकाज ठप होने पर वह वापस अपने गांव जाने के लिए बीते सोमवार के साइकिल से ही नोयडा से सहरोज के लिए निकल पड़ा।
बृहस्पतिवार को जब वह गांव पहुंचा तो इसकी सूचना होने पर ग्रामीणों ने उसे बाहर ही रोक दिया तथा इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। चिकित्सकों की टीम ने युवक का स्वास्थ्य परीक्षण कर उसे जिला मुख्यालय स्थित लिटिल फ्लावर इंटरनेशनल स्कूल में क्वारंटीन कर दिया गया। उधर युवक के साइकिल से ही इतनी लंबी दूरी की यात्रा कर गांव लौटने की जज्बे को लेकर चर्चा होती रही।