कुछ देर बाद नर्सों ने कहा कि पांच हजार रुपये दो तो ही डॉक्टर आएंगे। पैसा न देने पर डॉक्टर को नहीं बुलाया। देर रात प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी तो परिजन फिर से नर्स के पास पहुंचे। सभी नर्स ड्यूटी रूम में सो रही थीं।
परिजनों ने किसी तरह उन्हें जगाया तो 10 हजार की डिमांड की जाने लगी। किसी तरह परिजनों ने आठ हजार रुपये एकत्र कर देने का प्रयास किया लेकिन नर्स 10 हजार से कम लेने को तैयार नहीं हुईं। इसी बीच प्रसूता की गर्भस्थ शिशु समेत अस्पताल के बेड पर तड़पते हुए मौत हो गई।
प्रसूता व गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद परिजन व तीमारदार आक्रोशित हो उठे। मंगलवार की सुबह परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही अस्पताल प्रशासन के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की जानकारी होते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और लिखित शिकायत करने पर कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
मरीज को अस्पताल लेकर आते ही पैसे की मांग शुरू कर दी गई थी। पैसा न देने पर मेरे मरीज को बेड पर सुला कर छोड़ दिया गया था। नर्सों ने खुद मरीज को देखा न ही किसी डॉक्टर को ही बुलाया। पांच हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
किरन देवी, मृतका की तीमारदार।
मरीज को लेकर पहुंचते ही नर्सों ने पांच हजार रुपये की मांग की। रात में हालत जब गंभीर हो गई तो भी उन्होंने डॉक्टर को नहीं बुलाया और डिमांड पांच हजार से बढ़ कर 10 हजार कर दिया। आठ हजार रुपये दे रहा था लेकिन 10 से कम लेने को वे तैयार नहीं हुईं।
अरविंद, मृतका का देवर।
इंस्पेक्टर (शहर कोतवाली) ने केके गप्ता ने कहा कि डिलीवरी के लिए आई महिला व उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। जिस पर परिजन आक्रोशित थे। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर प्रसूता के शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।