फाइटर जेट्स को दुश्मनों के रडार की पकड़ से बचाने के लिए आईआईटी बीएचयू और आइसलैंड के वैज्ञानिकों ने किफायती एआई मॉडल बनाया है। ई-वेस्ट यानी कि खराब पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान से बना मटेरियल रडार तरंगों को सोख सकता है। इसकी मदद से स्टेल्थ तकनीक से लैस एयरक्राफ्ट बनाए जा सकते हैं, जो कि रडार की लोकेशन से बाहर होंगे। इसमें 1.3 मिलीमीटर मोटाई का एक रडार एब्जॉर्बिंग मटेरियल भी तैयार किया जा सकता है। इसकी मोटाई कम करने के साथ ही इसकी संभावित लागत भी कम होगी।
आईआईटी के स्कूल ऑफ मटेरियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के डॉ. रवि पंवार और आइसलैंड की रेक्जेविक यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इस पर अध्ययन किया है। यह रिसर्च आईईईई ट्रांजेक्शन ऑन डायइलेक्ट्रिक एंड इलेक्ट्रिकल इंसूलेशन के 2026 के अंक में प्रकाशित हुआ है।
रडार से निकलने वाली तरंगों को सोखेगा विद्युत चुंबकीय तरंग
इस अध्ययन में बताया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे से ऐसी सामग्री विकसित की जा सकती है जो रडार से निकलने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगों को अवशोषित करने में सक्षम हो। कंपोजिट मटेरियल के गुणों का विश्लेषण करने के लिए वैज्ञानिकों ने एआई और विद्युत चुंबकीय मॉडल की मदद से एक मल्टीलेयर परसेप्ट्रॉन एआई मॉडल तैयार किया है। इसके आधार पर कम लागत और कम मोटाई वाला रडार एब्जॉर्बिंग मटेरियल विकसित किया जा सकता है।