घटना में पुलिस की संलिप्तता देख तत्कालीन भेलूपुर थानाध्यक्ष रमाकांत दुबे सहित सात पुलिसकर्मियों को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। विवेचना में बर्खास्त पुलिसकर्मियों को भी आरोपी बनाया गया। इस प्रकरण में अब तक चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं, अजीत मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद जगदीश कुमार पटेल और अनुभव पांडेय उर्फ सागर के अलावा बर्खास्त सात पुलिस कर्मी वांछित चल रहे हैं।
भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी मिलते ही अजीत मिश्रा अपने सभी मोबाइल स्विच ऑफ कर घर से भाग गया था। डेढ़ महीने से ज्यादा समय तक पुलिस अजीत मिश्रा का पता तक नहीं लगा सकी। अदालत के आदेश से बीते दिनों अजीत मिश्रा के तिलमापुर स्थित घर पर भेलूपुर थाने की पुलिस कुर्की का नोटिस चस्पा किया था। अब उस पर इनाम घोषित कर उसकी संपत्तियों की कुर्की की तैयारी पुलिस कर रही थी।
डकैती की घटना शुरू से ही संदेह के घेरे में रही है। घटना के दो दिन बाद 92.94 लाख रुपये बरामद हुए थे। छह दिन बाद मुकदमा दर्ज किया गया। फिर, घटना में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता उजागर हुई। कुछ अफसरों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई। मगर, कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया। अजीत से पूछताछ में कई अहम राज खुल कर सामने आ सकते हैं।