यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में सामूहिक नकल होते पकड़े जाने पर संबंधित केंद्राध्यक्ष और प्रबंधक पर मुकदमा दर्ज कराए जाने के साथ ही रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) और गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर हर केंद्र पर जिला प्रशासन की ओर से एक पर्यवेक्षक और नागरिक सुरक्षा के दो-दो स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे।
पर्यवेक्षकों की ड्यूटी हर दिन बदलती रहेगी। रोजाना शाम पांच बजे उन्हें रिपोर्ट देनी होगी। मंगलवार को कमिश्नरी सभागार में केंद्राध्यक्षों के साथ हुई परीक्षा तैयारी बैठक में जिलाधिकारी राजमणि यादव ने नकलविहीन परीक्षा के लिए कड़ी चौकसी बरतने की हिदायत दी। 18 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षा में जिले के 141 केंद्रों पर 1.31 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे।
कमिश्नरी सभागार में सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चली बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। करीब आधे घंटे तक सभागार में रहे डीएम ने हर हाल में नकल विहीन परीक्षा कराने की ताकीद की। कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेटों, पर्यवेक्षकों के साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों की तैनाती की जाएगी।
कहा कि सामूहिक नकल पकड़े जाने पर संबंधित केंद्राध्यक्ष, प्रबंधक जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मौजूद एसएसपी आकाश कुलहरि ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने का भरोसा दिलाया और कहा कि किसी प्रकार की घटना पर संबंधित थानाध्यक्ष को तुरंत सूचना दी जाए
इस दौरान केंद्राध्यक्षों ने बंडल स्लिप, टाइम टेबल, एवार्ड ब्लैंक संबंधी लिफाफा, कक्ष निरीक्षकों की सूची न मिलने सहित कई अन्य समस्याएं उठाईं। जिला विद्यालय निरीक्षक अवध किशोर सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि बुधवार की शाम तक सभी समस्याओं का समाधान कर सभी कागजात केंद्राध्यक्षों को भिजवा दिए जाएंगे।