ज्ञानपुर। बलिया में सामूहिक विवाह में धांधली के बाद सख्ती से अब पात्र लाभार्थी ही नहीं मिल रहे हैं। लाभार्थी न मिलने से जिले में 26 फरवरी को होने वाली मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह की तिथि टल गई। अब 29 फरवरी को छह ब्लॉकों में गरीब बेटियों की शादी होगी। छह ब्लॉकों में आए 250 आवेदनों में अब तक सिर्फ 68 ही पात्र मिले हैं।
गरीब बेटियों के हाथ पीले करने के लिए प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शुरू की है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों की शादी की जाती है। जिसमें कन्या के खाते में 35 हजार भेजने के साथ 10 हजार का उपहार दिया जाता है। इसके अलावा शादी समारोह पर 10 हजार खर्च होता है। बलिया के मनियर ब्लॉक में सामूहिक विवाह में धांधली से शासन स्तर पर खलबली मच गई। उसके बाद शासन ने लाभार्थियों के चयन प्रक्रिया को सख्त कर दिया। लाभार्थी के सत्यापन के समय चार गवाहों का नाम जोड़ने का निर्देश दिया गया। 26 फरवरी को होने वाले विवाह के लिए ब्लॉकों में आवेदन मांगे गए, जिसमें 250 से अधिक ने आवेदन किया।
बीडीओ और एडीओ ने आवेदनों का सत्यापन करना शुरू किया तो मात्र 68 पात्र मिल सके। लाभार्थियों की संख्या कम होने के कारण अब 26 को होने वाली शादी की तिथि टालकर 29 फरवरी तय किया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ऐश्वर्यराज लक्ष्मी ने बताया कि बलिया की घटना को लेकर शासन गंभीर है। अब लाभार्थी के साथ ही चार गवाहों की भी फोटो लगाई जा रही है। इसमें बहुत कम ही लाभार्थी के साथ गवाही देने आ रहे हैं। इससे 24 फरवरी तक सिर्फ 68 लाभार्थी चयनित हो सके थे। उन्होंने बताया कि 29 फरवरी तक 100 के करीब संख्या हो सकती है। बताया कि जिले में मौजूदा वित्तीय वर्ष में 1081 कन्याओं की शादी कराने का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें से 337 बेटियों की शादी कराई जा रही है।