छत्तीसगढ़ नक्सली हमले के दौरान शहीद हुए जौनपुर के राजेश बिंद का अंतिम संस्कार शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ बनारस के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। शहीद राजेश को उनके आठ वर्षीय बेटे अमन ने मुखाग्नि दी तो मौजूद लोगों की आंखें डबडबा उठी और माहौल गमगीन हो उठा।
मछलीशहर तहसील क्षेत्र के करियांव गांव निवासी राजेश बिंद गुरुवार को ड्यूटी के दौरान बारूदी सुरंग के विस्फोट में शहीद हुए थे। अंतिम संस्कार से पहले सीआरपीएफ की 95 बटालियन के कमांडेंट उदय प्रताप सिंह, एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
इसके बाद सीआरपीएफ और जिला पुलिस के जवानों ने शहीद राजेश बिंद को गार्ड ऑफ आनर दिया और उन्हें मुखाग्नि दी गई। इस दौरान शहीद के परिजन और करियांव गांव के कई ग्रामीण मौजूद रहे। राजेश वर्ष 2006 में सीआरपीएफ में कांस्टेबल के तौर पर भर्ती हुए थे।
बता दें कि राजेश कुमार बिंद का शव गुरुवार की रात तकरीबन रात ढाई बजे गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही शहीद की पत्नी उषा देवी, मां प्रभावती व दादी चमेला देवी शव से लिपटकर दहाडे़ मारकर रोने लगीं।
शहीद के बड़े भाई सुरेश कुमार, छोटे भाई विश्वनाथ और सबसे छोटा भाई आशीष का भी रो रोकर बुरा हाल रहा। शहीद का बड़ा बेटा आठ वर्षीय अमन शव के पास बैठा रहा। वहीं दोनों बेटी चार वर्षीय मीनाक्षी और दो वर्षीय सोनाक्षी घटना से अंजान रहीं।
शुक्रवार की सुबह सात बजे सेना व प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधियों ने शहीद को पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया। राज्य पुलिस व सीआरपीएफ ने शहीद को गार्ड आफ आनर दिया। इसके बाद शहीद के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए वाराणसी ले जाया गया।