मामले में थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर ने दहेज उत्पीड़न, गाली गलौज, जान से मारने की धमकी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी थी। उसी को लेकर काजल के ससुराल वालों ने घर के तीसरे फ्लोर पर शिफ्ट कर दिया था। उससे बातचीत भी बंद कर दिए।
काजल के अनुसार, उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता थ। इससे परेशान हो उसने फंदा लगाकर जान दे दी। काजल के पति नितेश कुमार सिंह बैंक ऑफ इंडिया मलदहिया में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर तैनात है। काजल को कोई संतान नहीं थी। उसका मायका सकलडीहा रेलवे स्टेशन (चंदौली) में है।
काजल तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। पिता का नाम नीरज राय है। माता का नाम नीलू देवी है। काजल के चाचा अंबुज राय ने बताया कि हम लोग दोपहर से फोन ट्राई कर रहे थे। फोन नहीं उठा तो हम लोग बेटी के ससुराल पहुंच गए। यहां कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। काजल की लाश के पास से पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद किया है। उसमें लिखा था कि मेरे मां-बाप ने मुझे बड़े लाड़ प्यार से पाला था, लेकिन मुझे वह प्यार मेरे ससुराल से नहीं मिला, मैं अपने पापा की प्रिंसेस हूं।
काजल के पिता नीरज राय ने शिवपुर थाने में दहेज हत्या समेत अन्य धाराओं में दामाद नितेश कुमार सिंह, मृतका के जेठ विवेक सिंह, अभिषेक सिंह, जेठानी प्रिया, सिंह, सास कनक लता सिंह, ननद नीतू सिंह, अमित सिंह, देवर अनूप सिंह, नरेंद्र प्रताप सिंह और प्रमिला सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
तहरीर में बताया कि काजल को दहेज के लिए सभी प्रताड़ित करते थे, उसे अलग-थलग कर दिया था। जेठानी ने पानी गर्म करने वाले रॉड से करंट लगाकर मारने का प्रयास किया था। जबकि दोनों जेठ गलत नियत रखते थे। ये बात बेटी ने फोन कर कई बार बताई। लेकिन रिश्ता न टूटे ऐसे में बेटी को ही समझाते रहे। लेकिन इधर कुछ दिनों से बेटी पर महंगी कार लाने का दबाव बनाकर उसे पीटा गया। कार नहीं मिलने पर बेटी की आरोपियों ने हत्या कर दी।