दहेज हत्या के दोषी पति को दस वर्ष की सश्रम कैद
दहेज हत्या के एक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (द्वितीय) के न्यायाधीश सुनील कुमार ने नगवां, अस्सी निवासी उमेश यादव को दोषी करार दिया है। अदालत ने अभियुक्त को 10 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना न देने पर अभियुक्त को एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने अभियुक्त के जुर्माना देने पर आठ हजार रुपये जान गंवाने वाली महिला की पुत्री को देने का आदेश दिया है।
मिर्जापुर जिला के नेवढ़िया (पड़री) गांव निवासी मोतीलाल यादव की पुत्री की शादी वर्ष 2009 में अभियुक्त उमेश यादव से हुई थी। दहेज कम मिलने की उलाहना देकर उमेश यादव और उसके परिजन मोटर साइकिल और 50 हजार रुपया मायके से मंगवाने का दबाव विवाहिता पर दबाव बनाते थे।
बाद में उसे तरह-तरह से प्रताड़ित करने लगे। बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर नौ जुलाई 2015 को मोतीलाल उसकी ससुराल पहुंचा। वहां उसने देखा कि उसकी बेटी की मौत हो चुकी थी।