लड़के पक्ष से कुछ लोग शादी में शामिल हुए। बिना बाराती और बिना नाच-गाने व बैंड-बाजे के बीच शादी की रस्म पूरी की गईं। दूल्हे के पिता राम धनी मौर्य व दुल्हन के पिता रामकेवल मौर्य ने कहा कि इस शादी से हम दोनों लोग काफी खुश हैं। शादी में होने वाले फिजूलखर्ची से बच गए। उसी पैसे से लड़की को देने के लिए सामान खरीद लिया।