बीएचयू अस्पताल: इमरजेंसी से मरीजों को निजी अस्पताल खींच ले जाते हैं बिचौलिए
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चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी और सीसी कैमरा, फिर भी अंकुश नहीं
अस्पताल परिसर में प्रवेश द्वार से लेकर ओपीडी, जांच केंद्र, इमरजेंसी तक हर जगह चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। सबके पास वायरलेस सेट भी है। सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। इसके बाद भी बिचौलियों के इस खेल पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। अस्पताल परिसर में नेत्र रोग विभाग के पास बाहर जाने का छोटा गेट है। यहां बिचौलिए जगह-जगह खड़े रहते हैं। जिन मरीजों को इमरजेंसी में आईसीयू लिखा जाता है और उन्हें बीएचयू में आईसीयू के खाली न होने की जानकारी मिलती है तो बिचौलिए ऐसे लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें लंका, सामनेघाट, भिखारीपुर, ककरमत्ता सहित अन्य निजी अस्पतालों में आईसीयू में बेड दिलाने और बेहतर इलाज का दावा करके ले जाते हैं। जान बचाने की मजबूरी में लोग उनके झांसे में आ भी जाते है।
हाथ में ओपीडी का पर्चा देख बिचौलिए हो जाते हैं सक्रिय
ओपीडी के बाहर सुबह से शाम तक बिचौलिए आपको जगह-जगह खड़े नजर आ जाएंगे। मरीज के हाथ में ओपीडी का पर्चा देखते ही बिचौलिए सक्रिय हो जाते हैं। उनके पीछे-पीछे लग जाते हैं। बाहर मेडिकल की दुकान पर दवा लेने पर 30 से 40 प्रतिशत तक छूट दिलाने की बात कहकर मरीजों को साथ लेकर बाहर मेडिकल की दुकान तक ले जाते हैं। दवा दिलवाते हैं, इसके बाद मरीज को छोड़ देते हैं। इसके पीछे संबंधित व्यक्ति को दवा की दुकान से एक निश्चित कमीशन भी मिलता है।
अस्पताल की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी और परिसर में पहले की तुलना में निगरानी बढ़ा दी गई है। बिचौलियों को चिह्नित कर उनकी फोटोग्राफी करवाने, पुलिस को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है। विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों को पकड़ा जाएगा। सुरक्षा में लगे सभी लोगों को इसके लिए अलर्ट किया गया है। - प्रो. शिवप्रकाश सिंह, चीफ प्रॉक्टर, बीएचयू