काशी से प्रयागराज में आयोजित कुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं व सैलानियों के लिए जल, थल और नभ से जुड़े कई विकल्प मौजूद रहेंगे। जहां लगभग 100 विशेष ट्रेनों का संचालन मेला अवधि में किया जाएगा तो वहीं वाराणसी जोन से 500 से ज्यादा बसों को चलाए जाने की योजना है। इतना ही नहीं पर्यटन के शौकीन लोगों के लिए काशी से प्रयागराज तक पहुंचने के लिए जलमार्ग के कई विकल्प भी मौजूद रहेंगे।
आईडब्ल्यूएआई व निजी कंपनियां इस रास्ते भी लोगों को प्रयागराज ले जाएंगी। वहीं इस खास अवसर के लिए निजी हेलीकॉप्टर व चार्टर सेवाएं भी चलाई जाने की तैयारी चल रही है। कुंभ को सफल व यादगार बनाने में केंद्र व राज्य सरकारें जी जान से जुटी हुई हैं।
देश के किसी भी कोने से श्रद्धालुओं के प्रयाग राज तक लाने व ले जाने के लिए परिवहन व्यवस्था को लेकर भी बृहद योजना तैयार की गई है। केवल बनारस से प्रयागराज के बीच कनेक्टिविटी की बात करें तो यात्रियों के लिए सड़क, रेल, जलपोत व हवाई सेवाओं के ढेरों विकल्प मौजूद होंगे।
रेल यात्रा
-बनारस से प्रयागराज तक चलने वाली मौजूदा ट्रेनों की संख्या- 150
-बनारस से प्रयागराज तक चलाई जाने वाली विशेष ट्रेनों की संख्या-100
-दूरी-124 किलोमीटर, मंडुवाडीह से लगने वाला समय 2 घंटे 25 मिनट
-कैंट रेलवे स्टेशन से लगने वाला दो घंटे 40 मिनट
-स्लीपर का किराया- 140-170
-थर्ड एसी -495-540
-सेकेंड एसी- 700-745
-फर्स्ट एसी- 1245
-जनरल टिकट- 30 रुपये
बस यात्रा
-वाराणसी से चलने वाली बसों की संख्या- 100 से ज्यादा बसें
-वाराणसी से चलाई जाने वाली बसों की संख्या-100 (वाराणसी से 53 सामान्य बस, 20 एसी जनरथ सेवा और 24 अनुबंधित बसों)
-सामान्य बसों का किराया-130 रुपये
-जनरथ का किराया -177 रुपये
-अस्थाई रोडवेज बस अड्डा- झूंसी
-दूरी लगभग 120 किलोमीटर, लगने वाला समय लगभग तीन घंटे
जल परिवहन
-जलपरिवहन के अंतर्गत संभावित जलपोतों का संचालन-2
-किराया लगभग पांच हजार से 10 हजार
-गंगा में काशी से प्रयागराज तक की दूरी-240 किलोमीटर लगभग
-लगने वाला समय- छह घंटे या उससे अधिक