यूपी में चंदौली के एक खेत में बकरी चरने के विवाद में दो समुदायों में जमकर मारपीट हो गई। इस दौरान लाठी डंडे चले व पत्थरबाजी हुई। इसमें दोनों तरफ से 10 लोग घायल हो गए।
विवाद की जानकारी होते ही सीओ सदर प्रदीप सिंह चंदेल तीन थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने समझाबुझाकर दोनों पक्ष के लोगों को अलग किया। दोनों समुदाय के बीच व्याप्त तनाव को देखते हुए पुलिस ने गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के दुलहीपुर के लेड़ुआपर गांव निवासी दीनानाथ यादव का आरोप है कि उसके खेत में एक समुदाय के लोग अपनी बकरियां छोड़ दे रहे थे। मना करने के बाद भी वे मान नहीं रहे हैं। बकरियां खेत में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान भी पहुंचा रही थीं।
शनिवार की सुबह दीनानाथ की पत्नी खेत की ओर गई तो देखा कि मो. पिल्लू की बकरियां उसके खेतों में चर रही हैं। उसने बकरियों को खेतों से भगाया और घर पर पति व अन्य को जानकारी दी। इस पर दीनानाथ सहित अन्य लोग पिल्लू के घर पहुंच गए। यहां दोनों पक्ष में विवाद हो गया। कुछ ही देर बाद दोनों पक्ष में मारपीट शुरू हो गई।
देखते ही देखते दोनों पक्ष के लोग झगड़े में कूद पड़े और दोनों पक्षों में जमकर लाठियां व पत्थर चलने लगे। दूसरे पक्ष का कहना था कि बकरियां खेत में नहीं गई थी। पहले पक्ष के लोगों ने पुरानी रंजिश में हमला किया। बता दें कि खेत में बकरी चराने को लेकर एक वर्ष पहले भी विवाद हो चुका है।
चौकी इंचार्ज को हटाने की मांग
मौके पर पहुंची पुलिस
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सूचना मिलते ही सीओ सदर सहित कोतवाली, बलुआ और अलीनगर थाने की फोर्स वहां पहुंच गई। उन्होंने दोनों पक्ष के लोगों को समझाकर स्थिति पर नियंत्रण किया। पुलिस ने एक पक्ष के लोगों को मेडिकल मुआयना के लिए पीपी सेंटर व दूसरे पक्ष के लोगों को जिला अस्पताल भेजवाया। जिला अस्पताल पहुंचे दानों घायलों की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया है। सीओ सदर प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि दोनों ओर से दी गई तहरीर के आधार पर दोनों तरफ के 31 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
दोनों पक्षों में हुई मारपीट में एक पक्ष से दीनानाथ यादव (38), पिंटू गिरी (22), कमलेश यादव (45), कन्हैया (30), सुनील यादव (32), कल्लू यादव (50), संजय (25) व लोकू (30) और दूसरे पक्ष से हसनैन (55) व अनमुल्ला (38) घायल हुए हैं। हसनैन व अनमुल्ला को पुलिस ने जिला अस्पताल भेजा जहां से उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया गया है।
घटना के बाद एक पक्ष के लोग लेड़ुआपर चौकी इंचार्ज को हटाए जाने की मांग को लेकर अड़ गए। उनका आरोप था कि चौकी इंचार्ज की लापरवाही से मामला इतना बिगड़ा। चौकी इंचार्ज कार्रवाई करने की बजाए एक पक्ष के लोगों का वीडियो रिकार्ड करने में जुटे रहे। यदि उन्होंने समय रहते आलाधिकारियों को सूचना दे दी होती तो मामला इतना नहीं बिगड़ता। बाद में पहुंचे सीओ ने ग्रामीणों को आश्वासन देकर शांत किया।