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Varanasi News: 55 हैंडपंप और 8 ट्यूबवेल अब तक छोड़ चुके हैं पानी, 75 हजार आबादी प्रभावित; आपूर्ति बदहाल

Thu, 16 May 2024 12:41 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: गर्मी के मौसम में वाराणसी के कई इलाकों में पानी की समस्या गहरा गई है। आसपास हैंडपंप भी सूख जाने के कारण लोगों को पेयजल की समस्याएं हो रही हैं। 
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मिर्जामुराद के पुरानी बाज़ार में पानी नहीं पहुंचने से लोग परेशान हैं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के शहर और देहात मिलाकर कुल 55 हैंडपंप और 8 ट्यूबवेल ने पानी छोड़ दिया है। अब यहां नई बोरिंग से ही पानी मिलेगा। कई जगहों पर निर्माण कार्य के दौरान पाइपों के क्षतिग्रस्त होने के कारण भी पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इससे 75 हजार आबादी पानी नहीं मिलने की समस्या झेल रही है।

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शहर के लल्लापुरा पौसरा, औरंगाबाद, बेनियाबाग, सुंदरपुर, बजरडीहा, कज्जाकपुरा आदि क्षेत्रों में ट्यूबवेल पानी छोड़ चुका है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भूगर्भ जलस्तर कितना नीचे जा रहा है। उधर, सेवापुरी ब्लाक के ठटरा तमाचाबाद में अंडरपास निर्माण के दौरान बीते दिनों पेयजल पाइपलाइन उखाड़ दी गई। जो अब तक नहीं बनी। 

इससे कछवा रोड बाजार क्षेत्र में पानी की आपूर्ति प्रभावित है। बाजार के ऑटो स्टैंड पर लगे सरकारी हैंडपंप भी रिबोर के नाम पर सार्वजनिक स्थान से गुम हो गए हैं। कई हैंडपंप पानी छोड़ चुके हैं। राजातालाब में भी पानी की समस्या है।
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जक्खिनी, जयापुर कृष्णदत्तपुर आदि इलाकों में भी अमृत सरोवर सूखे पड़े हैं। पशु पालक पन्ना पाल, राजकुमार पाल, कल्लू पाल, मोछू यादव, पप्पू यादव, दिनेश यादव ने बताया कि आराजी लाइन के दिनदासपुर में 14 अमृत सरोवर एक साथ बने थे, जो सूखे पड़े हैं। रामनगर में सड़क चौड़ीकरण के कारण कई जगहों पर पेयजल पाइपें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सड़कों पर पानी बह रहा है। 

रामपुर, नगर पालिका के समीप, साहित्यनाका, एसबीआई के पास पाइपें क्षतिग्रस्त हैं। मिर्जामुराद के गौर गांव में पानी नहीं पहुंच रहा है। क्षेत्र केअजित कुमार यादव, प्रमोद केशरी व मुन्नाखांन ने बताया कि यहां ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। जिसकी मरम्ममत अब तक नहीं कराई गई। प्रेशर न होने के कारण पुरानी बाज़ार में पानी नही पहुंच रहा है।

पानी का कनेक्शन न होने से चिरईगांव में ढाई हजार आबादी प्रभावित
चिरईगांव में पेयजल समस्याओं के निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। बीते एक मई से लेकर अबतक 14 पेयजल शिकायतेंं आई। एडीओ पंचायत कमलेश सिंह ने कहा कि शिकायतों के त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। गांव में 12 टंकी चालू है। 362 घरों को जल जीवन मिशन से कनेक्शन भी दिया गया। बावजूद इसके ढाई हजार की आबादी पेयजल के लिए परेशान है।

एक नजर में आंकड़े

  • 16 लाख आबादी को होती है पानी की आपूर्ति
  • 276 एमएलडी डिमांड
  • 330 एमएलडी उत्पादन
  • 205 एमएलडी भूगर्भ जल
  • 125 एमएलडी गंगा से
  • 116 एमएलडी नान रेवेन्यू वाटर
  • 214 एमएलडी रेवेन्यू वाटर
  • 114 ट्यूबवेल से 190 एमएलडी पानी
  • 86 मिनी ट्यूबवेल से 15 एमएलडी पानी
  • 1500 किमी पानी की पाइप लाइन


बोले अधिकारी
गर्मी में जलस्तर नीचे जाने से ऐसी समस्या आती है। जहां जहां ट्यूबवेल और हैंडपंप पानी छोड़ रहे हैं वहां कालम पाइप बढ़ाकर जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। - विजय नारायण मौर्य, महाप्रबंधक, जलकल

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