श्री विद्यामठ में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
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कोरोना काल में जान गंवाने वालों की मुक्ति की कामना के साथ ही काशी में धर्मानुष्ठान आरंभ हो गए। केदारघाट स्थित श्री विद्यामठ में कोरोना काल में मृतकों की मुक्ति के मंत्र गूंज उठे। मातृनवमी से शुरू होकर सर्वपितृ अमावस्या तक चलने वाले आयोजन में देश ही नहीं विदेश के श्रद्धालुओं के लिए भी अनुष्ठान होंगे।
शनिवार को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कथा के साथ धर्मानुष्ठान के साथ शुरू किया। वैदिक ब्राह्मणों ने गंगा के तट पर मातृनवमी की तिथि पर मातृशक्तियों की मुक्ति की कामना के साथ पितृपक्ष के अनुष्ठान शुरू किए। इसमें देश-विदेश में कोरोना मृतकों का ब्योरा एकत्र किया गया है।
10 हजार से अधिक वैदिक ब्राह्मण
अनुष्ठान के लिए देश के कई हिस्सों से परिजन भी इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए काशी पहुंचेंगे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि कोरोना काल के दौरान मरने वालों के लिए जो भी परिजन अंतिम संस्कार नहीं करा पाए हैं उन सभी का ब्यौरा एकत्र करके यह अनुष्ठान आरंभ हुआ है।