उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा अचानक अपने कार्यक्रम में बदलाव करते हुए वाराणसी से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। इससे पहले उनका लखनऊ जाने का कार्यक्रम था।
बता दें कि सूबे का मुखिया कौन होगा, इसको लेकर पेच अभी भी बना हुआ है। सीएम पद की रेस में मनोज सिन्हा के सबसे आगे चलने की खबरों के बीच योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के समर्थकों ने प्रदर्शन किया है।
पार्टी ने पहले मनोज सिन्हा और योगी आदित्यनाथ दोनों को दिल्ली बुलाया है। वहीं बाद में मनोज सिन्हा लखनऊ रवाना हो गए। इससे पहले मनोज सिन्हा आज सुबह अपने संसदीय क्षेत्र गाजीपुर पहुंच गए। यहां वह भाजपा जिलाध्यक्ष की मां की तेरही में शामिल होंगे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक इसके बाद मनोज सिन्हा दिल्ली जाएंगे। वहीं गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ को भी दिल्ली बुलाया गया है। माना जा रहा है कि लखनऊ में विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए मनोज सिन्हा के नाम पर मुहर लग सकती है। इससे पहले सुबह करीब साढ़े सात बजे मनोज सिन्हा ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए।
उन्होंने बाबा विश्वनाथ का दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने संकट मोचन मंदिर और काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के दर्शन किए। वहीं शुक्रवार को काशी पहुंचने पर मनोज सिन्हा ने सीएम बनाए जाने के संकेत दे दिए थे।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि खुद को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाओं को विरोधियों की अफवाह बताया लेकिन यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की ओर से इसके लिए आदेश दिया जाएगा तो इसका पालन किया जाएगा।
कहा- फिलहाल वह रेल मंत्रालय में खुश हैं और संचार मंत्रालय उनको पसंद है। सिन्हा शुक्रवार रात नौ बजे वाराणसी पहुंचने के बाद एक होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। होटल में रात्रि विश्राम के बाद शनिवार को वह अपने पैतृक जिला गाजीपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने जाएंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चाओं के बीच यहां पहुंचे सिन्हा का बाबतपुर एयरपोर्ट से लेकर होटल तक शानदार स्वागत किया गया। कमिश्नर से लेकर डीएम और आला पुलिस अधिकारी उन्हेें भावी मुख्यमंत्री के तौर पर ट्रीट कर रहे थे।