फिलहाल घाटों पर रखे मलबे को हटाया जा रहा है ताकि काम के लिए जगह मिल सके। मणिकर्णिका पर 29350 वर्गफीट पर काम कराया जाना है। यहां 25 मीटर ऊंची चिमनी भी बनाई जाएगी ताकि चिता की राख आसपास के घरों में न जाए। शवों के स्नान के लिए पवित्र जलकुंड, अपशिष्ट ट्रॉलियां, मुंडन क्षेत्र होंगे।
चारों तरफ से कवर दाह संस्कार क्षेत्र में पांच बर्थ, सर्विस एरिया, अपशिष्ट संग्रह की व्यवस्था, सीढ़ियों, वेटिंग एरिया, भूतल पर पंजीकरण कक्ष, खुले में दाह संस्कार के लिए 18 प्लेटफॉर्म, लकड़ी भंडारण क्षेत्र, सामुदायिक प्रतीक्षा कक्ष, दो सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। यहां पूरा निर्माण कार्य चुनार और जयपुर के पत्थरों से किया जाएगा।