इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आर्य महिला हितकारिणी महापरिषद की प्रबंध समिति के दोनों चुनाव निरस्त कर दिए हैं। हाईकोर्ट ने सहायक निबंधक फर्म्स सोसाइटी को जल्द ही चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखने की जिम्मेदारी वाराणसी के जिलाधिकारी को दी है। इस फैसले के बाद महापरिषद के बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया है। आर्य महिला हितकारिणी परिषद से संचालित शैक्षिक संस्थाओं में 5000 से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। 700 से ज्यादा शिक्षक व कर्मचारी तैनात हैं।
आर्य महिला हितकारिणी महापरिषद के सदस्य सत्य नारायण पांडेय ने रविवार को भारत धर्म महामंडल भवन में पत्रकारों से बात की है। उन्होंने बताया कि 18 फरवरी 2022 को संरक्षक सभा के पदाधिकारियों व कौंसिल के सदस्यों का चुनाव हुआ था। इसके विपरीत शशिकांत दीक्षित ने आर्य महिला पीजी कॉलेज में समानांतर चुनाव कराकर सहायक निबंधक फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स से पक्ष में आदेश प्राप्त कर लिया था। चार माह तक कोई प्रबंध समिति नहीं थी और बैंक ऑपरेशन बंद था। इसके बावजूद मनमाने तरीके से कई शिक्षण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को हटा दिया गया था। कई नियुक्तियां अवैध तरीके से की गईं। आर्य महिला नागरमल मुरारका मॉडल स्कूल में प्रधानाचार्य से ज्यादा वेतन वहां के क्लर्क को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि गरीब व मध्यम वर्ग परिवार की बालिकाओं की शिक्षा के लिए 1933 से संचालित बाल विभाग को बंद कर दिया गया। आर्य महिला नागरमल मुरारका मॉडल स्कूल को गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चों की शिक्षा के लिए बनाया गया था, लेकिन उसकी फीस सामान्य वर्ग की पहुंच से बाहर हो चुकी है। इस दौरान विनोद शंकर उपाध्याय, कृष्णा गोपाल पोद्दार, विनोद कुमार पांडेय, डॉ. प्रेमशंकर पांडेय, मुकेश पाठक आदि मौजूद रहे।
डबल बेंच में करेंगे अपील
आर्य महिला हितकारिणी परिषद के डॉ. शशिकांत दीक्षित ने कहा कि प्रबंधकीय विवाद के मामले में वह उच्च न्यायालय के सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ डबल बेंच में अपील दाखिल करेंगे। उन्होंने संस्था के बाइलाज का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्य महिला हितकारिणी महापरिषद के चुनाव के लिए नोटिस एजेंडा जारी करने का अधिकार केवल जनरल प्रेसीडेंट एवं जनरल सेक्रेटरी को है।